Wednesday, September 30, 2020

UPSC Prelims 2020: यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- परीक्षा स्थगित करना असंभव, 30 सितंबर को फिर सुनवाई...

नई दिल्ली: यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 2020 के स्थगित करना असंभव है। यूपीएससी का कहना है कि परीक्षा को लेकर सारी तैयारियां पहले से ही कर ली गई है ऐसे में परीक्षा को स्थगित करना असंभव है। न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने यूपीएससी से कहा कि वह इस तथ्य को हलफनामे में रखे और व्यवस्थाओं के साथ रखे। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार यानी 30 सितंबर को होगी।
आपको बता दें कि सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 2020 4 अक्टूबर को होने वाली है। लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षार्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंच हुए है। याचिकाकर्ताओं की दलील है कि पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में आ गया है। इसके अलावा कई इलाकों में बाढ़ भी आई है। ऐसे में सिविल सेवा परीक्षा 2020 को दो से तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया जाए। उनके मुताबिक ऐसे वक्त में परीक्षा करवाना एक बड़े खतरे से कम नहीं है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये एक भर्ती परीक्षा है, ऐसे में अगर इसको आगे बढ़ाया जाएगा तो किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। देश में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है, इसके बावजूद भी यूपीएसी की ओर से परीक्षा केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के कई छात्र ऐसे हैं, जिन्हें परीक्षा के लिए 300-400 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा। अगर वो सार्वजनिक साधनों का प्रयोग करेंगे तो भी संक्रमण का खतरा बना रहेगा। 
गौरतलब है कि इस वर्ष प्रारंभिक परीक्षा 31 मई को होनी थी लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण इसे टाल दिया गया था। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के जरिए इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (आईएएस), भारतीय पुलिस सर्विसेज (आईपीएस) और भारतीय फॉरेन सर्विसेज (आईएफएस), रेलवे ग्रुप ए (इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस) सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों- प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में आयोजित की जाती है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है।  

यूपीएससी ने परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के लिए एग्जाम में मास्क या फेस कवर पहनना अनिवार्य बना दिया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षार्थी पारदर्शी बोतलों में सैनिटाइजर भी ला सकते हैं। बिना मास्क के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी। परीक्षार्थियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा। उन्हें परीक्षा हॉल/कमरों के साथ परिसरों में भी सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।

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